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Computer क्‍या होता है

अगर आप अपनी जिंदगी में आगे बढना चाहते हैं और दुनिया में हो बदलावो के साथ चलना चाहते हैं तो आपके लिए कंप्‍यूटर के बारे में जानना बहुत जरूरी है, अगर आप Education के फील्‍ड में है, आप जॉब कर रहे हैं, या फिर अगर आप अपने बिजनेस को आगे बढाना चाहते हैं तो कंप्‍यूटर की  Knowledge आपके लिए बहुत जरूरी है

दोस्‍तों वैसे तो आपने कंप्‍यूटर को जानने के लिए बहुत सारी किताब पढी होगी या फिर यूट्यूब पर वीडियो भी देखें होंगे या फिर अगर आप किसी स्‍कूल या कॉलेज में पढते हैं तो आपसे अक्‍सर स्‍कूल में एक सवाल जरूर  पूछा जाता होगा कि कंप्‍यूटर क्‍या होता है, आज मैं आपको कंप्‍यूटर के बारे में बताउंगा कि कंप्‍यूटर होता क्‍या है, इसका आविष्‍कार किसने किया था और इसके फायदे क्‍या-क्‍या होते हैं

Computer क्‍या होता है

Computer शब्‍द आठ Characters से मिलकर बना है इसके आधार पर कंप्‍यूटर का पूरा नाम इस प्रकार होता है

C – Commonly 

O – Operating 

M – Machine 

P – Particularly 

U – Used For 

T – Technical and 

E – Education 

R – Research

कंप्‍यूटर एक Electronic Machine है जो डेटा को यूजर से लेकर प्रोसेस करता है और एक Desired आउटपुट देता है आप उदाहरण के लिए ले सकते हैं जैसे आप लोगों ने गेंहू पीसने वाली मशीन जरूर देखी होगी उस मशीन में गेहूं को डाला जाता है उसके बाद उस मशीन में पूरी प्रोसेस होती है और आखिर में आटे के रूप में आउटपुट मिलता है

इसी प्रकार कंप्‍यूटर में होता है किसी यूजर के द्वारा इनपुट दिया जाता है मशीन दिए हुए डेटा को प्रोसेस करती है और प्रोसेस के बाद आउटपुट मिलता है, जो मशीन प्रोसेस करने का काम करती है उसे प्रोसेसर कहा जाता है अब आप सोच रहे होंगे कि डेटा क्‍या होता है डेटा कोई भी Meaningful Information हो सकती है, जैसे वीडियो, ऑडियो, टेक्‍स्‍ट, मेल इत्‍यादि

अब जब भी आपसे कोई पूछे कि कंप्‍यूटर क्‍या होता है तो आप उसे जवाब दे कि कंप्‍यूटर एक Electronic Machine है, ये Electronic मशीन एक प्रोसेसर से चलती है इस प्रोसेसर को माइक्रोप्रोसेसर भी कहा जाता है, प्रोसेसर जिस डेटा को Accept करता है उसे इनपुट डिवाइस के जरिए Accept किया जाता है जैसे कीबोर्ड, माउस, Scanner इत्‍यादि होते हैं

आउटपुट डिवाइस के बारे में आप जरूर जानते होंगे और अगर नहीं जानते हैं तो मैं आपको बता देता हूं मॉनीटर, प्रिंटर, स्‍पीकर, प्‍लॉटर इत्‍यादि सभी आउटपुट डिवाइस होते हैं, इनपुट और आउटपुट के बीच में डेटा को प्रोसेस करने का काम प्रोसेसर का होता है, कंप्‍यूटर का सबसे जरूरी पार्ट मैमाेरी होता है क्‍योंकि बिना मैमोरी के कोई भी कंप्‍यूटर चल नहीं सकता है मैमोरी दो प्रकार की होती है

RAM ( Random Access Memory)

जब भी आप नया फोन या कंप्‍यूटर खरीदते हैं तो आपके दोस्‍त, रिश्‍तेदार जरूर पूछते होगे कि आपके फोन की रैम कितनी है सबसे पहले मैं आपको ये बता देता हूं कि RAM का पूरा नाम Random Access Memory होता है अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर रैम काम कैसे करती है

मैं आपको बता देता हूं कि जब भी आप अपने कंप्‍यूटर या फोन में कोई भी एप्‍लीकेशन Install करते हैं तो वो या तो हार्ड‍ डिस्‍क या Internal Memory में सेव होती है लेकिन जब आप उस एप्‍लीकेशन को चलाते हैं तो कुछ समय के लिए वो ऐप आपकी रैम में आ जाती है और रैम उसे रन करने के लिए Working Space देती है 

आपने देखा होगा कि जब आप अपने फोन या कंप्‍यूटर में एक साथ बहुत सारे प्रोग्राम को रन करते हैं तो आपका सिस्‍टम हैग होने लगता है इसकी यही वजह होती है कि आपके पास रैम कम होती है और प्रोग्राम उससे ज्‍यादा रन कर दिए जाते हैं इसलिए आज के समय में ज्‍यादा रैम की आवश्‍यकता होती है 

आज के समय में अगर आप नया कंप्‍यूटर खरीदना चाहते हैं तो आप कम से कम 8 GB रैम का कंप्‍यूटर खरीदें यहीं परिस्थिति फोन में भी होती है आज के समय में जितनी एप्‍लीकेशन आ रही है वो ज्‍यादा से ज्‍यादा रैम का इस्‍तेमाल करती है इसलिए फोन भी आपको कम से कम दो से तीन जीबी रैम वाला लेना चाहिए ताकि आप नई-नई एप्‍लीकेशनों को आसानी से अपने फोन पर रन करा सकें

ROM ( Read Only Memory)

 ROM का पूरा नाम Read Only Memory होती है इसका नाम उन लोगों ने जरूर सुना होगा जो सीधे मार्केट से CD( Compact Disc)  को खरीदकर लाते थे, ये उन लोगों को जरूर पता होगी जो अपने सिस्‍टम में ऑपरेटिंग सिस्‍टम को Install करते हैं, जब आप लोगों ने पहली बार ऑपरेटिंग सिस्‍टम को Install किया होगा तो Delete या F2 दबाकर BIOS का सेटअप ओपन किया होगा 

 देखिए कंप्‍यूटर में दो प्रकार की मैमोरी होती है एक प्राइमरी मैमोरी और दूसरी सेक्रेण्‍डरी मैमोरी होती है और रोम प्राइमरी मैमोरी का एक पार्ट है, ये मैमोरी नॉन-वोलाटाइल मैमोरी होती है, नॉन-वोलाटाइल मैमोरी वो मैमाेरी होती है जिनमें लाइट जाने के बाद भी डेटा स्‍टोर रहता है

Computer का इतिहास

आज का समय विज्ञान का समय है और कंप्‍यूटर इंसान की जरूरत बन चुका है इसलिए अगर आज के समय को कंप्‍यूटर का समय कहा जाए तो गलत नहीं होगा आज हर क्षेत्र में कंप्‍यूटर ने अपनी उपयोगिता को सिद्ध किया है इसके बावजूद ऐसे बहुत से पहलू है जिनसे आप सभी बेखबर है 

18वीं शताब्‍दी के समय में पूरी दुनिया तकनीक के बारे में बिल्‍कुल अनजान थी इंसान जो अपनी आंखों से देखता था उसको ही सच मान लेता था इसी बीच लंदन में पैदा हुए चालर्स बैबेज ने लोगों की सोच बदलने का काम किया था, इन्‍हें बचपन से ही गणित में रूचि थी और इस रूचि के कारण ही उन्‍होंने आगे चलकर कंप्‍यूटर का आविष्‍कार किया था

चालर्स ने 14 जून सन् 1822 में कंप्‍यूटर बनाने का दावा किया था लेकिन बहुत से इतिहारकार इस बात को सच नहीं मानते हैं, माना जाता है कि चालर्स बैबेज मशीन बनाने में कामयाब रहे लेकिन उस मशीन को पूरी तरह से नहीं बना पाए थे, शुरूआत में उन्‍होंने एक बहुत बडे आकार की मशीन का आविष्‍कार किया था

अब ये तो मैं आपको बता चुका हूं कि चालर्स गणित के छात्र थे इस मशीन को बनाने का उनका मुख्‍य उद्देश्‍य नंबरों की गणना करने का था उस समय चालर्स ने उस मशीन को Difference Engine का नाम दिया था, ये मशीन केवल गणना कर सकती थी पर ये नहीं बता सकती थी कि वो गणना ठीक है या नहीं इसलिए बहुत से विशेषज्ञों का कंप्‍यूटर के आविष्‍कार को लेकर अलग अलग मत है

इस आविष्‍कार के बाद लोगों में इस तकनीक को जानने और समझने की दिलचस्‍पी जगने लगी थी समय के साथ बहुत चीजों में बदलाव आ रहा था पर लोगों को इस बात  की उम्‍मीद नहीं थी कि कंप्‍यूटर जैसी कोई चीज बन सकती है तकनीक के युग में दूसरा सबसे बडा दिन  तब आया जब जर्मनी के वैज्ञानिक कोनराड जूस ने प्रोग्रामिंग कंप्‍यूटर का आविष्‍कार किया था

ये समय 1936 से 1938 के बीच का था ये आविष्‍कार इसलिए भी ज्‍यादा जरूरी था क्‍योंकि उन्‍होंने पहले प्रोग्रामिंग कंप्‍यूटर का आविष्‍कार किया था, चालर्स बैबेज की मशीन काफी हद तक इंसानी दिमाग पर निर्भर करती थी लेकिन कोनराड का कंप्‍यूटर प्रोग्रामिंग से चलता था कोनराड ने इस कंप्‍यूटर का नाम Z1 दिया था

कोनराड जूस के आविष्‍कार के बाद European देशों में नई क्रांति की शुरूआत हो गई थी, कंप्‍यूटर के आविष्‍कार ने बहुत से लोगों को प्रभावित किया था ये हजारों लोगों के काम को अकेला ही कर सकता था जिन कामों को करने में पहले बहुत ज्‍यादा समय लगता था वो काम अब कुछ ही समय में हो जाते थे इसलिए लोग कंप्‍यूटर की तरफ आ‍कर्षित होने लगे थे

इसके बाद जे प्रेसपर एकर्ट ने पूरी दुनिया को एक Electronic Computer दिया था ये कंप्‍यूटर पूरी तरह से डिजिटल था, सबसे बडी बात यह थी कि इसके आविष्‍कार के बाद नए नए डिजिटल आविष्‍कार होने लगे थे इन्‍होने डिजिटल कंप्‍यूटर की खोज सन् 1946 में की थी, इन्‍होंने इस कंप्‍यूटर की खोज अपने प्रोफेसर जॉन मोक्‍ली के साथ मिलकर की थी

दोनों ने इसकी  खोज के बाद इसे पेटेट करा दिया था इन दोनों ने इस कंप्‍यूटर को ENIAC नाम दिया था इसका पूरा नाम Electronic Numerical Integrator and Computer था इनके आविष्‍कार के बाद कंप्‍यूटर को एक नई पहचान मिल गई थी इससे प्रभावित होकर US Army ने इसे जनसंख्‍या की गणना के लिए इस्‍तेमाल किया गया था

पहली Computer कंपनी

दुनिया के लोगों ने जिस मशीन के बारे में कभी नहीं सोचा था उसका आविष्‍कार हो चुका था, इसके आविष्‍कार के बाद सबसे बडी चुनौती इसको बनाने की थी इसमें सबसे मुश्किल काम यह था कि इसको बनाने का पूरा Formula किसी कंपनी को दिया जाए और उस Formula के जरिए कई कंप्‍यूटर तैयार किए जाए

दोनों ने ऐसा करना सही नहीं समझा और दोनों ने एक साथ अपनी कंपनी खोलने का मन बना लिया और दोनों ने कंप्‍यूटर बनाने की शुरूआत कर दी, इस कंपनी का नाम ECC ( Electronic Controls Company) रखा गया था, ये दुनिया की सबसे पहली कंप्‍यूटर कंपनी थी हालांकि बाद में दोनों ने कंपनी का नाम बदलकर अपने नाम पर रख लिया था

डिजिटल कंप्‍यूटर के आविष्‍कार के बाद इन्‍होंने कंप्‍यूटर की दुनिया में 85 और आविष्‍कार किए थे जिनको उन्‍होंने अपने नाम से पेटेंट करा दिया था, विज्ञान के क्षेत्र में उनके योग्‍दान को देखते हुए सन् 1968 में उन्‍हें National Medal of Science से सम्‍मानित किया गया था, समय के साथ-साथ कंप्‍यूटर की डिमांड बढती गई और आज ये हमारे जीवन को अभिन्‍न हिस्‍सा बन चुका है

कंप्‍यूटर के Uses

  • आज कंप्‍यूटर का इस्‍तेमाल मनोरंजन के क्षेत्र में बहुत ज्‍यादा किया जा रहा है जैसे अगर कोई फिल्‍म बनती है तो उसकी एडिटिंग कंप्‍यूटर के माध्‍यम से की जाती है
  • आज के समय में कंप्‍यूटर का सबसे ज्‍यादा इस्‍तेमाल Education के क्षेत्र में किया जा रहा है जैसे मान लीजिए कि अगर आपको अपने घर बैठकर कोई क्‍लास लेनी है तो आप कंप्‍यूटर के माध्‍यम से आसानी से ले सकते हैं
  • आप लोग अक्‍सर बैंक जाते होंगे वहां आपने देखा होगा कि आज बैंक में जो भी काम होते हैं वो कंप्‍यूटर के द्वारा किए जाते हैं
  •  कंप्‍यूटर का उपयोग Scientist रिसर्च के लिए करते हैं
  • आज जितनी भी कंपनियां है फिर चाहे वो छोटी हो या फिर बडी हो उन सभी में कंप्‍यूटर के द्वारा काम किया जाता है 

आशा  है मेरे द्वारा जो आपको कंप्‍यूटर के बारे में जानकारी दी गई हैं वो आपको जरूर पसंद आई होगी अगर हां तो कमेंट करके जरूर बताएं हमें आपके कमेंट का इंतजार रहेगा

 

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